उत्तराखंडगढ़वालदेहरादून

नोडल अधिकारी ने आदर्श आचार संहिता की जानकारी दी

देहरादून। लोेकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 को निष्पक्ष, निर्विघ्न एवं पारदर्शिता के साथ सम्पादन हेतु नोडल अधिकारी आदर्श आचार संहिता जनपद देहरादून गौरव कुमार ने अवगत कराया है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आदर्श आचार संहिता परिपालन हेतु राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों द्वारा निर्वाचन अभियान  जाने ‘‘ क्या करें’’ और ‘‘क्या ना करें’’ की विस्तृत जानकारी दी गई है। सभी दलों अभ्यर्थियों को निर्वाचन के समान अवसर सुनिश्चित करना तथा इन्हें सार्वजनिक त्थान जैसे मैदान और हेलीपैड निष्पक्ष रुप से उपलब्ध कराए जाने चाहिए। अभ्यर्थियों की आलोचना केवल उनकी नीतियां, कार्यक्रमों,. निर्वाचन के दौरान, अन्य राजनीतिक दलों और पिछले रिकॉर्ड और कार्यों तक ही सीमित होनी चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति के शांतिपूर्ण और व्यवधानमुक्त घरेलू जीवन का अधिकार पूरी तरह से सुरक्षित होना चाहिए।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों को प्रस्तावित सभाओं के आयोजन के स्थल और समय की पूरी जानकारी होनी चाहिए और सभी आवश्यक अनुमति पर्याप्त समय पहले ले ली जाए। प्रस्तावित सभा के स्थान पर लागू प्रतिबंध या निषेध आदेश यदि कोई हो, तो उनका पूर्णतः सम्मान किया जाएगा। छूट, यदि आवश्यक हो, के लिए, समय रहते आवेदन किया जाना चाहिए और इसे समय रहते प्राप्त किया जाना चाहिए। प्रस्तावित सभाओं के लिए लाउडस्पीकर या ऐसी किसी अन्य सुविधा के प्रयोग के लिए अनुमति प्राप्त की जानी चाहिए। सभाओं में गड़बड़ी करने वाले या अव्यवस्था पैदा करने वाले व्यक्तियों से निपटने में पुलिस की सहायता ली जानी चाहिए। किसी भी जुलूस की शुरुआत और समाप्ति का समय और स्थान और इस जुलूस के मार्ग को पहले ही तय किया जाना चाहिए और पुलिस अधिकारियों से अग्रिम अनुमति प्राप्त की जानी चाहिए। उन स्थानों, जहाँ से जुलूस गुजरता है, में लागू यातायात विनियमों और प्रतिबंध आदेशों का पता लगाना चाहिए और उनका पूर्णतः पालन किया जाना चाहिए। जुलूस निकलने से यातायात को कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। शांतिपूर्ण और व्यवस्थित मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी निर्वाचन अधिकारियों को सहयोग दिय जाना चाहिए।
निर्वाचन अभियान में लगे सभी राजनीतिक कार्यकर्ताओं को बैज या पहचान पत्र लगाना चाहिए। मतदाताओं को जारी अनौपचारिक पहचान पर्ची सादे (सफेद) कागज पर होगी और इसमें कोई प्रतीक, अभ्यर्थी या दल का नाम नहीं होगा। अभियान अवधि के दौरान और मतदान के दिन वाहनों के चलन पर प्रतिबंध का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। निर्वाचन संचालन संबंधी कोई भी शिकायत या समस्या निर्वाचन आयोग के प्रेक्षकध्रिटर्निंग आफिसरध्जोनल सेक्टर मजिस्ट्रेटध्मुख्य निर्वाचन अधिकारी भारत निर्वाचन आयोग के ध्यान में लाई जाएगी। निर्वाचन के विभिन्न पहलुओं से संबंधित सभी मामलों में निर्वाचन आयोग, रिटर्निंग आफिसर और जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश, आदेशों, अनुदेशों का सख्ती से पालन किया जाएगा।
यदि आप उस निर्वाचन क्षेत्र से मतदाता या अभ्यर्थी या अभ्यर्थी के निर्वाचन अभिकर्ता नहीं हैं, तो अभियान अवधि समाप्त होने के बाद निर्वाचन क्षेत्र छोड दें। राजनीतिक दों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी व्यक्ति कंपनी संस्था को एक दिन में 10,000 रुपये से अधिक का कोई भी भुगतान नकद में न किया जाए, सिवाय उन स्थानों के जहां- (क) भुगतान ऐसे गाँव या कस्बे में किया जाता है, जहाँ कोई बैंक सुविधा नहीं है।
किसी भी सरकारी कामकाज में प्रचार अभियानध्निर्वाचन अभियान नहीं किया जाना चाहिए। मतदाता को कोई प्रलोभन, वित्तीय लाभ या अन्यथा कुछ नहीं दिया जाएगा। निर्वाचको की जाति, सम्प्रदाय के आधार पर कोई अपील नहीं की जाएगी। ऐसी कोई भी गतिविधि नहीं की जाएगी, जिससे विभिन्न जातियों, समुदायों, धार्मिक, भाषाई समूहों के बीच मौजूदा मतभेद बढ़ सकते हो अथवा उनके बीच आपसी घृणा या तनाव पैदा हो सकते हों। दूसरे दल के किसी भी नेताओं या कार्यकर्ताओं के निजी जीवन के किसी भी पहलू पर, जो सार्वजनिक गतिविधियों से जुड़े नहीं है. के बारे में अन्य दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं को आलोचना नहीं करने दी जाएगी। असत्यापित आरोपों के आधार पर या बयान को तोड़-मरोड़ कर अन्य दलीय उनके कार्यकर्ताओं की आलोचना करने की अनुमति नहीं होगी। मंदिरों, मस्जिदों, चर्चों गुरुद्वारों या किसी भी पूजा स्थल का भाषण, पोस्टर, संगीत आदि या निर्वाचन संबंधी कार्यों सहित निर्वाचन प्रचार के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। मतदान में ऐसी गतिविधियां निषिद्ध है जिन्हें भ्रष्ट आचरण या निर्वाचन अपराध माना गया है जैसे रिश्वत देना, अनुचित प्रभाव डालना मतदाताओं को धमकाना, किसी अन्य मतदाता का मत डालना, मतदान केन्द्र के 100 मीटर के दायरे में प्रचार करना मतदान समाप्ति के लिए निर्धारित समय को समाप्त 48 घन्टे की अवधि के दौरान जनसभा करना और मतदाताओं को मतदान केन्द्र ले जाना और लाना। किसी व्यक्ति के मत के विरोध स्वरूप उसके घर के समक्ष प्रदर्शन या धरना या कोई गतिविधि नहीं की जाएगी। निर्वाचन के दौरान निर्वाचनों की शुचिता बनाए रखने और निर्वाचन की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए, राजनीतिक दलों को सलाह दी जाती है कि वे नकद लेनदेन से बचें और अपने पदाधिकारियों, अधिकारियों, अभिकर्ताओं और अभ्यर्थियों को भारी मात्रा में नकदी न ले जाने का निर्देश दें। अन्य राजनीतिक दलों या अभ्यर्थियों द्वारा आयोजित सार्वजनिक सभाओं या जुलूसों में कोई गड़बड़ी नहीं की जाएगी। जहाँ अन्य दल सभाएं कर रहे हो उस स्थान पर जुलूस नहीं निकाले जाएंगे। जुलूस में शामिल व्यक्तियों को ऐसी कोई भी वस्तु साथ ले जाने की अनुमति नहीं होगी, जिनका मिसाइल या हथियार के रूप में दुरुपयोग हो सकता है। अन्य दलों और अभ्यर्थियों द्वारा लगाए गए पोस्टरों को हटाया या खराब नहीं किया जाएगा। मतदान के दिन, मतदान स्थल पर या मतदान केन्द्रों के पास पहचान पर्ची वितरण के रूप में पोस्टर, ध्वज, प्रतीक या किसी भी अन्य प्रचार सामग्री का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा। लाउडस्पीकर, चाहे स्थिर हों या चलते वाहनों पर हो, का इस्तेमाल रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच नहीं किया जाएगा। संबंधित प्राधिकारियों की पूर्व लिखित अनुमति के बिना, सार्वजनिक सभाओं और जुलूसों में लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। आम तौर पर, ऐसी सभाओं जुलूसों को रात में 10.00 बजे के बाद जारी रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी, और ये स्थानीय कानूनों, क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की स्थानीय अपेक्षाओं और मौसम, त्योहारों, परीक्षा अवधि आदि जैसे अन्य प्रासंगिक बातों के अधीन होगी।
निर्वाचन के दौरान किसी भी प्रकार की शराब का वितरण नहीं किया जाना चाहिए।

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