
देहरादून। अखिल भारतीय साहित्य परिषद, जनपद देहरादून “आत्मबोध से विश्वबोध और वंदेमातरम् की 150वीं वर्षगांठ” विषय पर साहित्यिक चर्चा का आयोजन किया गया। जिसमें वक्ताओं ने साहित्य प्रेमियों को चिंतन के लिए प्रेरित किया।
हिंदी भवन परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने अपने विचारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हुए आत्मबोध से विश्वबोध की अवधारणा तथा वंदेमातरम् के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व पर प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथि कैप्टन अनिल काला ने अपने विचारों में देशभक्ति, अनुशासन और शिक्षकीय दृष्टिकोण के समन्वय को दर्शाते हुए सभी को प्रभावित किया। वक्ताओं ने साहित्य की भूमिका, राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान तथा समाज के दायित्वों पर सारगर्भित विचार व्यक्त किए। आयोजकों ने सभी अतिथियों, वक्ताओं व प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया में साथ ही, भविष्य में भी ऐसे साहित्यिक आयोजनों के माध्यम से समाज में जागरूकता व सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।


